Monday, March 4, 2013

पलाश के फूल .....




जब पड़ा था 
पहला कदम तुम्हारा 
मेरे आँगन में ,
तब -
वो फूल  ही तो थे 
पलाश के ,
जो बिखरे थे 
मेरे आँचल में ......!!!!!


प्रियंका राठौर 

10 comments:

  1. बहुत खूब दहक है स्वर्ण सी पलाश सी प्रेम के खुमार की .बहुत सुन्दर प्रतीक विधान ,संक्षिप्त ,सुन्दर .

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  2. जब पड़ा था
    पहला कदम तुम्हारा
    मेरे आँगन में ,
    तब -
    वो फूल ही तो थे
    पलाश के ,
    जो बिखरे थे
    मेरे आँचल में .

    पलाश के फूलों की तरह आपने फिजा में आग लगा दी।

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  3. उन पलाश के रंगों की क्षटा यूं ही बनी रहे ...

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  4. बहुत सुन्दर...

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  5. वाह ... बेहतरीन

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  6. आप सभी का बहुत बहुत धन्यबाद ... आभार

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  7. भावों के गुथे हुए मोती

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