Tuesday, August 31, 2010

बेबो



बेबो




धुंधली यादों के बीच,
तन्हाई बिखरती जाती है !
जीवन की राह में चलते हुए
कदम डगमगा जाते हैं !
आगे बढनें की कोशिश में
रिश्ते छूटे जाते हैं !
अँधेरे में ही रौशनी खो जाती है
रंगों से सफेदी ही बापस आती है ,
स्याही में लिपटी हुयी जिन्दगी
मौत से बदतर नजर आती है !
एक पल में -
जीती बाजी हार नजर आती है ,
हार कर भी जीना अपनी किस्मत है
क्योकि -
बेबो की सूरत हर पल
नजरों में समाई जाती है....!!

7 comments:

  1. कल 25/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  2. bhavnao ko sundarta se ukera hai apne....badhiya

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  3. बहुत भावों से भरी हुई शानदार अभिब्यक्ति/बधाई आपको /




    please visit my blog.
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  4. ज़िंदगी जीने का हौसला दिखाई देता है बेबो के अक्स में ..अच्छी प्रस्तुति

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  5. बहुत सकारात्मक सोच ...

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