Tuesday, April 24, 2012

पलों को थाम लिया है ...




तुम्हारा साथ देने को 
पलों को थाम लिया है ....
कुछ बची हुयी तुम्हारी 
अनकही बातें सुनने  को 
पलों को थाम लिया है ....


दिया है वक्त अब और तुम्हे 
तुम्हारे सपनों को पूरा 
करने की ख्वाहिश में 
पलों को थाम लिया है ....


फिर कभी मिलेंगे हम 
जीवन की सच्चाई को आत्मसात कर
इस अरमान को लिए दिल में 
पलों को थाम लिया है ....
हाँ -
तुम्हारा साथ देने को 
पलों को थाम लिया है ....!!!!!






प्रियंका राठौर 




12 comments:

  1. kya baat hai ... bahut khoobsurat ehsaas nazm ka .. !!

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  2. बस,यूँ ही थामे रखना पलों को भी और अपने यकीन को भी.

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  3. पल जब थम जाए तो ...
    बहुत खूबसूरत है यह एहसास

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  4. मोहब्ब्त में वक्त यूँ भी रुका रुका सा लगता है.........
    :-)
    सुंदर भाव..

    अनु

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  5. बहुत सुन्दर...

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  6. दिया है वक्त अब और तुम्हे
    तुम्हारे सपनों को पूरा
    करने की ख्वाहिश में
    पलों को थाम लिया है ....
    MAY BE when you love someone devotion and dedication come this way.

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  7. भावों से नाजुक शब्‍द......बेजोड़ भावाभियक्ति....

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  8. बहुत खूब भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

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  9. सुंदर प्रस्तुति,..भावपूर्ण रचना,..

    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: गजल.....

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  10. खूबसूर्ट एहसास ...सुंदर रचना

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  11. sundar kavita
    bahut khoob

    दिया है वक्त अब और तुम्हे
    तुम्हारे सपनों को पूरा
    करने की ख्वाहिश में
    पलों को थाम लिया है

    ye lines to shandar hain

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  12. Kuch Man me tham sa gaya , Kuch Pragya ne bhi thaam liya aur likhne ki tatparta di ki aap ki RACHNA , Rachnatmak hai....

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