Monday, December 13, 2010

परिवर्तन .....






परिवर्तन  अच्छा है  ,
लेकिन इतना कि ,
अपने - अपने रहें ,
दूसरे ना बन जाएँ !
लहरों के साथ ,
बहना  अच्छा है , 
लेकिन इतना कि ,
बिना भीगे -
दामन साफ़ बच जाये !



प्रियंका राठौर 

18 comments:

  1. परिवर्तन अच्छा है ,
    लेकिन इतना कि ,
    .........बेहद ख़ूबसूरत और उम्दा

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  2. सार्थक,प्रभावी,और उम्दा रचना है.......शुभकामनाएं।

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  3. आपकी पोस्ट की रचनात्मक सौमयता को देखते हुए इसे आज के चर्चा मंमच पर सजाया गया है!
    http://charchamanch.uchcharan.com/2010/12/369.html

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  4. लेकिन प्यार की फुहार में भीगना ही अच्छा लगता है

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  5. प्रियंका जी....... बहुत ही प्यारे एहसाह भरे है कविता में... दिल को छू लिए..

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  6. उम्दा रचना है.......शुभकामनाएं!

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  7. आप सभी का बहुत बहुत धन्यबाद !

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  8. वाह. परिपक्व मन.

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  9. बहना अच्छा है ,
    लेकिन इतना कि ,
    बिना भीगे -
    दामन साफ़ बच जाये !

    बहुत प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति.

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  10. बेहद ख़ूबसूरत और उम्दा |

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  11. सच कहूँ -

    परिवर्तन अच्छा है !

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