Tuesday, May 17, 2011

ना जाने कैसा ....





ना जाने कैसा प्यार है  तुमसे
समझ नहीं पाती ,
ना जाने कैसा रिश्ता है तुमसे
पहचान नहीं पाती ,
अनदेखा अनजाना बंधन है
महसूस कर पाती हूँ ...
हाँ -
ना जाने कैसा प्यार है तुमसे ..........



प्रियंका राठौर

25 comments:

  1. कम शब्दों मे मुकम्मल रचना। आभार।

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  2. बहुत ही गुढ़ बात कही है आपने आज..बढ़िया।

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  3. मन के भाव सुंदरता से लिखे हैं

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  4. प्यार समझ में नहीं आता बस एक एहसास देता है पल पल

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  5. प्यार तो एक एहसास है, एक भावना है जिसे हम सिर्फ महसूस कर सकते है|

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  6. शायद यही प्यार है.....अच्छे भाव

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  7. कुछ अहसास सोच से परे होते हैं उन्हे अहसास ही रहने दो।

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  8. ना जाने कैसा रिश्ता है तुमसे
    पहचान नहीं पाती ,
    अनदेखा अनजाना बंधन है
    महसूस कर पाती हूँ ...
    प्यार तो एक एहसास है जिसे हम महसूस कर सकते है|

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  9. बहुत सुंदर रचना.... अंतिम पंक्तियों ने मन मोह लिया...

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  10. bas priyanka ji pyar aesa hi hota hai...

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  11. ek pyari si bhavnatmak prastuti.pahli bar aapke blog par aai hoon.achcha laga.

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  12. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की जा रही है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

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  13. bahut sunder,ghari baat khati hui choti si anoothi rachanaa.bahut bahut badhaai aapko.


    please visit my blog and leave the comments also

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  14. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की जा रही है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

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  15. बहुत सुंदर रचना.... अंतिम पंक्तियों ने मन मोह लिया..

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  16. बहुत अच्छी रचना | कृपया मेरी भी कविता पढ़े और अपनी राय दें|
    www.pradip13m.blogspot.com
    आप भी मेरे ब्लॉग में आये और अच्छी लगे तो जरुर फोलो करें|

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  17. बहुत ही सुन्दर लिखा है अपने इस मैं कमी निकलना मेरे बस की बात नहीं है क्यों की मैं तो खुद १ नया ब्लोगर हु
    बहुत दिनों से मैं ब्लॉग पे आया हु और फिर इसका मुझे खामियाजा भी भुगतना पड़ा क्यों की जब मैं खुद किसी के ब्लॉग पे नहीं गया तो दुसरे बंधू क्यों आयें गे इस के लिए मैं आप सब भाइयो और बहनों से माफ़ी मागता हु मेरे नहीं आने की भी १ वजह ये रही थी की ३१ मार्च के कुछ काम में में व्यस्त होने की वजह से नहीं आ पाया
    पर मैने अपने ब्लॉग पे बहुत सायरी पोस्ट पे पहले ही कर दी थी लेकिन आप भाइयो का सहयोग नहीं मिल पाने की वजह से मैं थोरा दुखी जरुर हुआ हु
    धन्यवाद्
    दिनेश पारीक
    http://kuchtumkahokuchmekahu.blogspot.com/
    http://vangaydinesh.blogspot.com/

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  18. बहुत सुन्दर रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!
    मेरे ब्लोगों पर आपका स्वागत है!

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  19. अति सुन्दर...भावपूर्ण.

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  20. कोमल भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति।

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  21. आपका स्वागत है "नयी पुरानी हलचल" पर...यहाँ आपके ब्लॉग की किसी पोस्ट की कल होगी हलचल...
    नयी-पुरानी हलचल

    धन्यवाद!

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