Saturday, September 3, 2011

मेहँदी




 
 
खूब है रंग मेहँदी का
आज तेरे हाथों में
क्योकि - सजा है नाम
मेरे उनका
तेरे हाथों में .....
हैं दुआएं अब मेरी
साथ तेरे हर पल
क्योकि -
जुड़ गया है
नाम तेरा उनके नाम में .......
अब तो हर क्षण
तुम ही उनके साथ नजर आओगी
जीवन के हर डगर पर
उनकी अर्धागनी कहलाओगी
कहती हूँ कुछ शब्दों को तुमसे
सखी समझ कर रखना मान
अब तो सात फेरों के सातों वचन
ही हो तुम्हारे जीवन का आधार
बन जाये सिन्दूर  ही अब
तुम्हारे जीवन का श्रंगार
हम साया होगी अब तुम उनकी
नम ना होने देना कभी आँखें उनकी
उनके घर आँगन का रखना ध्यान
उनकी आन है अब तुम्हारे हाथ ...........
खूब है रंग  मेहँदी का 
आज तेरे हाथों में .....
क्योकि जुड़ गया है
नाम तेरा अब उनके नाम में ................



प्रियंका राठौर

13 comments:

  1. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा दिनांक 05-09-2011 को सोमवासरीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

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  2. खूब है रंग मेहँदी का
    आज तेरे हाथों में .....
    क्योकि जुड़ गया है
    नाम तेरा अब उनके नाम में ................बहुत ही खुबसूरत भावो से रची रचना....

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  3. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  4. अच्छी अभिव्यक्ति

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  5. अच्छी अभिव्यक्ति

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  6. saccha pyar aisa hi hota hai..shandar prastut..hardik badhayee ..mere blog per bhi apka swagat hai

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  7. बढ़िया अभिव्यक्ति....
    सादर...

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  8. बहुत सुन्दर भाव ... अच्छी प्रस्तुति

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  9. बहुत ही बढि़या ।

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  10. भावभरी प्रस्तुती. हार्दिक स्वागत.....

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  11. बहुत खूबसूरत रचना...

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